Home Political blog दिल्ली दंगे |दंगे करने वाले कौन लोग होते हैं? इन दंगाइयों को...

दिल्ली दंगे |दंगे करने वाले कौन लोग होते हैं? इन दंगाइयों को लाता कौन है?

दिल्ली दंगे का जिम्मेदार कौन है? दंगे करने वाले कौन लोग होते हैं? इन दंगाइयों को लाता कौन है? इन दंगों में मरता कौन है? आइये इतनी सारी बातों पर ध्यान देते हैं।

दंगाई होते कौन हैं? 

क्या आपने कभी सुना है कि कभी कोई बड़ा आदमी दंगे करते हुए पकड़ा गया है। या कोई बड़ा बिजनेसमैन, नेता या अमीर रोड पर डंडा लेकर अपने बड़े घरों से निकलकर धर्म की रक्षा करने निकलते देखा है। मंदिर या मस्जिद की लड़ाई में आपने कभी नेताओं को दंगों में उतरते देखा। नहीं दंगों में ज्यादातर गरीब लोग होते हैं और उनमें भी सबसे ज्यादा बेरोजगार। आपने देखा होगा कि दंगे करने वालों की ज्यादातर उम्र 25 से 30 साल होगी और यह ज्यादातर बेरोजगार ही होते हैं। और यही लोग दंगे करवाने वालों के प्यादे बन जाते हैं।

दिल्ली-दंगे
दिल्ली दंगे-samjhakya.com

दंगे करवाता कौन है?

जो देश में दंगे करवाते हैं और मजे लेते हैं जो इन दंगाइयों को पैदा करते हैं वह सब छोटे मोटे लीडर और नेता होते हैं। कुछ और क्रिमिनल टाइप आदमी होते हैं। लेकिन इन सबसे ऊपर जो इनकी भी मदद करते हैं वे बड़े नेता और सेठ लोग होते हैं। दंगाई सिर्फ इन खेलों और इनके प्यादे होते हैं। दंगाई सिर्फ कठपुतली की तरह होते हैं जैसे चाबी भरी वैसे ही दंगे करने शुरू कर देते हैं।

दंगे कहां से और कैसे शुरू हुए-

दोस्तों दंगे आपको क्या लगता है कुछ हफ्तों से शुरू हुए नहीं यह दंगों का माहौल कई महीनों से तैयार किया जा रहा था। बल्कि यह कह सकते हैं कि बीजेपी की इलेक्शन सिर्फ हिंदू मुस्लिम और शाहीन बाग पर ही आधारित थी। और इनके लीडर जब भी रैलियां करते थे तो “देश के गद्दारों को गोली मारो सालों को” यह नारे लगाते थे।

यह सिर्फ हिंदुओं को बहकाने के काम थे ताकि हिंदू मुस्लिम में नफरत पैदा हो। और इसकी जिम्मेदार सिर्फ नेता ही नहीं बल्कि सबसे ज्यादा जिम्मेदार तो गोदी मीडिया है। जिसने दिनभर हिंदू मुस्लिम डिबेट और लड़ाई लड़ा कर लोगों को दिमाग में भेदभाव भर दिया। लेकिन बीजेपी में कुछ नेताओं ने इन दंगों का विरोध भी किया। जैसे गौतम गंभीर और यमुना विहार में बीजेपी काउंसलर ने मुस्लिम फैमिली को सेव किया।

दिल्ली दंगों में पुलिस का रिएक्शन-

कहीं भी शांति बनाए रखने में मदद करने का काम पुलिस का होता है। लोगों को उम्मीद होती है कि पुलिस के द्वारा हम दंगों या गलत लोगों से सुरक्षित रहेंगे। लेकिन दिल्ली दंगों में पुलिस का रवैया चौंकाने वाला रहा। पुलिस खुद दंगाइयों का साथ देती नजर आयी। कैमरे तोड़ती और पत्थर फेंकते पुलिस के वीडियोस वायरल हुए। लोग प्रोटेक्शन के लिए फोन करते रहे लेकिन दिल्ली पुलिस ने कोई जवाब नहीं दिया।

लेकिन कुछ पुलिस वालों ने अपना काम बखूबी निभाया। पर ज्यादातर पुलिस नाकामयाब रही और यहां पर पूरी पुलिस ऑर्गेनाइजेशन की फेलियर देखने को मिली। जैसा कि आप सभी जानते होंगे कि दिल्ली पुलिस का कंट्रोल गृह मंत्री के द्वारा होता है तो यहां पर गृहमंत्री अमित शाह की भी फेलियर दिखा। वे सही तरह से पुलिस को गाइड नहीं कर सके या यूं कहें कि करना नहीं चाहते थे।

isse bhi padhe- What is Radar

कोर्ट का न्याय दिल्ली दंगों पर-

जब पुलिस से भी लोगों को राहत ना मिले तो लोगों का विश्वास कोर्ट पर होता है। और कोर्ट ने अपना भरोसा कायम रखा भी और दिल्ली पुलिस को डांट लगाई और बोला दंगे भड़काने वाले लोगों को गिरफ्तार करो। कोर्ट ने कपिल मिश्रा और अनुराग ठाकुर को अरेस्ट करने का आदेश दिया। यह वही लोग हैं जिन्होंने “देश के गद्दारों को गोली मारो सालों को” नारे लगाए थे।

लेकिन जिस जज ने फैसले लिए थे उनका उसी रात यानी 27 फरवरी को ट्रांसफर कर दिया गया। यहां पर कई सवाल खड़े हो जाते हैं कि क्या बीजेपी सरकार नहीं चाहती कि दंगाई पकड़े जाएं और दंगे खत्म हो या यह दंगे भड़काने वाले इन्हीं के नेता है। जैसे कपिल मिश्रा और अनुराग ठाकुर जैसे लोग जिन्हें बीजेपी बचाना चाहती है। खैर जज का ट्रांसफर हुआ दूसरे जज जाए और उन्होंने इस फैसले को रोक दिया।

Isse bhi padhe- What is Liquidity Coverage Ratio

दिल्ली दंगों में जनता का रवैया-

इन दंगों में जनता ने आगे आकर लोगों को बचाया चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम हो सब ने मदद की एक दूसरे की। क्योंकि दोस्तों दंगे करने के लिए बाहरी बुलाए जाते हैं कोई भी अपना घर नहीं जलाता। कई लोगों ने मानवता दिखाइए जैसे दिल्ली में गुरुद्वारे खुले रहे लोगों की मदद के लिए, रमेश पार्क एरिया में हिंदू और सिखों ने लोकल मुस्लिमस की प्रोटेक्शन करी, मुस्तफाबाद में मुसलमानों ने मंदिरों की रक्षा करी ताकि दंगाई उसे कोई नुकसान ना पहुंचा पाए, मौजपुर में बजरंगबली मोहल्ले में हिंदुओं ने मुस्लिम लोगों को मंदिरों में छिपाकर उनकी रक्षा करी, यमुना विहार में हिंदू मुस्लिम दोनों ने एक ह्यूमन चेन बनाकर स्कूल में बच्चों की रक्षा करी।

दिल्ली दंगे को लेकर मेरी नजर-

दोस्तों यह जो भी लोग भड़काऊ भाषण देकर या यूं कहें कि सरकार कुछ महीनों से हिंदू मुस्लिम का मुद्दा तेज करके सोचती है कि उनकी वोट बैंक बढ़ जाएगी। तो वे लोग गलत हैं। क्योंकि इंडिया की जनता सच जानती है और उसने इसका जवाब भी सरकार को कई जगह पर दे चुकी है। जैसे दिल्ली का इलेक्शन लोगों ने धर्म से हटकर वोट किया।

दोस्तों कुछ लोग फेसबुक व्हाट्सएप पर भड़काऊ पोस्ट डाल कर लोगों को भड़काने का काम करते हैं। उनसे सावधान रहिये। क्योंकि यह लोग सिर्फ पोस्ट डाल कर लोगों को ज्ञान देते फिरते हैं। यह ना दंगों को रोकने की कोशिश करते हैं और ना ही दंगे करने भी जाते हैं। लेकिन आग में पेट्रोल डालने का काम करते हैं। तो इनसे दूर रहिए। हिंदू-मुस्लिम सिर्फ नेताओं के मुद्दे हैं वरना अपने आस पड़ोस कोई नहीं लड़ता। चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम हो सब मिलकर रहते हैं।

आप सब मेरी पोस्ट का जवाब जरूर दें। आप जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं या फिर हमारे फेसबुक या ट्विटर पर भी दे सकते हैं धन्यवाद

samjhakya
Hello, I'm Anoop Rajvanshi and founder of samjhakya.com . Samjhakya is best portal for educational blogs here you can get detailed knowledge. Thankyou

Most Popular

Arnab Goswami Arrested by Mumbai Police| Full case explanation in Hindi

हेलो दोस्तों आज हम Arnab Goswami के Arrest पर कुछ बात करेंगे। जो कि इस टाइम की सबसे बड़ी खबर बन चुकी है। अर्नब...

Narco Test Kya Hota Hai full Detailed Knowledge in Hindi- Samjha Kya

हैलो दोस्तों आज हम Narco Test के बारे में बात करेंगे। यह नारको टेस्ट होता कैसे है? इसे क्यों करवाया जाता है? इससे फायदा...

Portfoliyo Management Kya Hota Hota Hai?- samjhakya.com

हैलो दोस्तों आज हम Portfolio Management के बारे में बात करेंगे। यह पोर्टफोलियो मैनेजमेंट होता क्या है? और इसे करते कैसे हैं? इस मैनेजमेंट...

What is Code of Conduct? आचार संहिता चुनाव के लिये क्यो जरूरी है?

दोस्तों, यह तो आप सभी ने सुना होगा कि हमारे यहां पर जब कभी किसी पार्टी के चुनाव होते हैं तो उसके कुछ दिन...