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How to start business| Startup ke legal Steps kya hai

हेलो दोस्तों आज हम खुद का बिजनेस कैसे स्टार्ट करना है वह भी लीगल तरीके से पर बात करेंगे। हम अपने इस ब्लॉग में आपको बिजनेस की सारी डिटेल स्टेप बाई स्टेप बताएंगे। आप सब ने यूट्यूब पर या कई सारे ब्लॉग पढ़े होंगे या वीडियो देखी होंगी जिस में बात करते हैं की बिजनेस कैसे स्टार्ट करना है, बिजनेस कैसे बढ़ाना है। लेकिन इसके लीगल स्टेप क्या होते हैं? और उन्हें कैसे फुलफिल किया जाता है? यह कोई नही बताता है।

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तो आप सब यह सारी जानकारी इस ब्लॉग के माध्यम से पढ़ सकते हैं। और अंत में ब्लॉग अगर अच्छा लगे तो शेयर जरूर करियेगा। और अगर आपके हिसाब से अगर कोई चीज मैंने मिस कर दी हो तो आप हमें कमेंट में बता सकते हैं। और आपके पास कोई अगर अच्छा बिजनेस आइडिया हो तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं। तो चलिए शुरू करते हैं।

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बिजनेस का आईडिया कहां से लाएं-

देखो दोस्तों अगर आप सब सोचते हैं की बिजनेस करने के लिए ऐसा आईडिया सोचें जिसके बारे में पहले किसी ने नहीं सोचा हो तो आप सब गलत हो क्योंकि ऐसा आईडिया मिलना बहुत ही मुश्किल है जो पहले किसी के दिमाग में ना आया हो। और यह बिजनेस घाटे का सौदा भी हो सकता है। बिजनेस आइडिया के लिए हमें जो बिजनेस पहले ही चल रहे हैं उनसे लेना चाहिए।

जैसे जो बिजनेस पहले ही बड़े लेवल पर चल रहे हैं अगर हम उन्हें छोटे या लोकल जगह पर करें तो हमें फायदा हो सकता है। या जैसे कोई बिजनेस कहीं पर शुरू कर किया गया हो और वहां पर वह ना चला हो और कंपनी बंद हो गई हो। तो हो सकता है वहाँ उसकी लोकेशन गलत हो और यदि आप वह बिजनेस अपने लोकेशन पर करें तो शायद कुछ हो सकता है। इसी तरह आप सब जो आइडिया पहले से ही हैं उन्हें थोड़ा मॉडिफाई करके नया आईडिया खोज सकते हो। जब आइडिया मिल जाए तो बारी आती है उसे इंप्लीमेंट करने की और उसे सफल करने की।

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बिज़नेस लीगल तरीके से कैसे शुरू करें

अपना बिजनेस रजिस्टर कहां करवाएं-

दोस्तों अब हम बात करते हैं जब हमारा बिजनेस आइडिया एक अच्छे बिजनेस में बदल चुका है तब उसे एक बड़ा रूप देने के लिए हमें अपने बिजनेस को रजिस्टर करवाना पड़ता है सरकार के अंदर। जिससे हम हमारे बिजनेस को एक नई पहचान दे सकें। तो उसमें कई तरीके की रजिस्टर कराने की अलग अलग तरीके के बिजनेसों की अलग अलग संस्थाएं होती हैं। जैसे-

1:- Sole Propreitorship- 

इसके अंदर आपको अपना बिजनेस रजिस्टर कराने के लिए सिर्फ एक छोटा बिजनेस ही काफी होता है यदि आपकी कोई एक दुकान है तो भी आप सोल प्रोपराइटरशिप में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए आपको अपने लोकल अथॉरिटी के पास जाना होता है। यदि आप शहर में है तो मुंसिपल के पास जाना पड़ता है और यदि आप गांव में हैं तो आपको ग्राम पंचायत के पास जाना होता है। इसकी फीस ₹1000 तक होती है। लेकिन याद रहे चूंकी लोकल अथॉरिटी के पास जाना होता है तो हो सकता है आपको घूस का भी सहारा लेना पड़े। इसमें 1 से 2 दिन का समय लग सकता है। इसके अंदर पूरे बिजनेस के जिम्मेदार आप खुद होंगे। और पूरे घाटे के जिम्मेदार भी आप खुद होंगे।

2:- One Person Company (OPC)- 

इसके अंदर आपको रजिस्टर कराने से आपको पूरे घाटे का जिम्मेदार अकेले आप नहीं होंगे। यदि आप बिजनेस और खुद को अलग रखना चाहते हैं तो इसे करवाना चाहिए। इसकी फीस लगभग ₹6000 होती है। और इसे करवाने के लिए 5 से 6 दिन का समय लगता है। इसे करवाने के बाद आपकी दुकान या कंपनी के आगे Pvt. Ltd.(opc)  लग जाता है।

3:- Private Limited Company-

इसमें रजिस्टर कराने के लिए आपके पास 2 शेयर होल्डर और 2 डायरेक्टर होने ही चाहिए। इसमें मैक्सिमम शेरहोल्डर्स 200 होते हैं और यदि आपको 200 से ज्यादा शेयर होल्डर रखने हैं तो आपको पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनानी पड़ेगी। इसकी फीस लगभग ₹7000 होती है। और इसको रजिस्टर करवाने के लिए 5 से 10 दिन का टाइम भी लग सकता है। जैसा कि यह प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है और यह लॉयल और सिक्योर रजिस्ट्रेशन होता है तो इसका कई सारा फायदा कंपनी को मिलता है।

जैसे आप सबको अपनी कंपनी के लिए बैंक से लोन जल्दी मिल जाता है। आपको अपनी कंपनी के लिए इन्वेस्टर्स जल्दी मिल जाते हैं। क्योंकि यह एक ट्रस्टेबल रजिस्ट्रेशन होता है जिससे आपकी कंपनी एक loyal कंपनी बन जाती है। कई सारे स्टार्टअप अपनी कंपनी को प्राइवेट लिमिटेड में ही रजिस्टर करवाते हैं या करवाना चाहते हैं। क्योंकि इससे उन्हें फंडिंग मिलने में आसानी रहती है।

Tax Registration Process-

जब आप अपनी कंपनी को किसी एक में रजिस्टर करवा लेते हैं और आपकी कंपनी अच्छी ग्रोथ करती है फिर आपको टैक्स रजिस्ट्रेशन करवाने पड़ते हैं। जैसे-

  1. GST-  अगर आपकी कंपनी 20 लाख से ज्यादा का टर्नओवर करती है। और यदि आपका एक्सपोर्ट इंपोर्ट का बिजनेस है, और यदि दो स्टेट के बीच में बिजनेस होता है या आपका कोई ई-कॉमर्स का बिजनेस है तो आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाना ही पड़ेगा।
  2. Import Export Code Registration (IEC)-  यदि आपका इंपोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस है तो आपको यह रजिस्ट्रेशन अवश्य करवाना पड़ेगा।
  3. Employee State Insurance Registration (ESI)- यदि आपकी कंपनी में 10 से ज्यादा एम्पलाई काम करते हैं तो आपको यहां रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा।
  4. Provident Fund Registration (PP)- यदि आपकी कंपनी में 20 से ज्यादा एंपलाई काम करते हैं तो आपको या रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।
  5. MSME Registration (Udyog Adhar)- यह रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी तो नहीं होता है। लेकिन अगर आप से करवा लेते हैं तो आपके लिए कई सारे फायदे होते हैं। जैसे आपको टैक्स में सब्सिडी मिलती है और आपको लोन जल्दी मिलता है। बैंक आप पर ट्रस्ट करती है। और आपको इन्वेस्टर्स भी जल्दी मिलते हैं।

सब चीजों का आसान तरीका-

दोस्तों मैंने आप सबको यह तो बता दिया कि बिजनेस आइडिया कहां से लाना है, अपने बिजनेस को रजिस्टर कहां करना है, रजिस्टर करने के बाद टैक्स में कौन से टाइप के टैक्स रजिस्टर करवाने हैं। लेकिन आप सबको इन सब सारी चीजों का आसान तरीका अब बताऊंगा। देखिए एक तो तरीका यह है कि आप अपने लोकल अथॉरिटी के पास जाएं और सारी चीजें अलग अलग रजिस्टर करवाएं जिसमें आपका पैसा भी ज्यादा लगेगा और समय भी बर्बाद होगा। और हो सकता है रिश्वत का भी सामना करना पड़े।

लेकिन इन सारी चीजों का तोड़ है एक वेबसाइट जिसका नाम है www.ispeedbiz.com इस वेबसाइट पर आप सबको अपने बिजनेस से रिलेटेड सारी लीगल चीजें आसानी से कम फीस में मिल जाएंगी। आपको बस इसमें रजिस्टर करना है और अपने बिजनेस के हिसाब से प्लान लेना है। और बस सारी चीजें वह खुद कर देंगे कम समय में। और आपको इधर उधर भटकना भी नहीं पड़ेगा। इस वेबसाइट को Jagdish Lade ने फाउंड किया है। और वह इन सारी चीजों में एक्सपर्ट हैं।

मैंने खुद इनकी वेबसाइट के प्लांस चेक किए हैं। मुझे एकदम परफेक्ट लगा तो मैंने आपको या वेबसाइट सजेस्ट की है। इससे मुझे कोई कमीशन नहीं मिलेगा और ना ही मुझे इन्होंने स्पॉन्सर किया है। मुझे या वेबसाइट पसंद आई इसलिए मैंने आपको बताया है। इनका व्हाट्सएप नंबर 7030561007 है। आप इन से डायरेक्ट भी बात कर सकते हैं।बाकी अगर आपका कोई वकील या CA हो तो  आप उससे यह सारी चीजें करवा सकते हैं।

Yearly Mandatory Comliances-

दोस्तों यह सारी चीजें हो जाने के बाद आपको कुछ चीजें होती हैं जिन्हें सालाना, छमाही या तिमाही पूरा करना होता है। जैसे-

  1. Income Tax Return
  2. Accounting
  3. GST Return File
  4. Secretorial Comliance (for LLP, OPC, Pvt. Ltd.)
  5. Statutory Audit ( for OPC, LLP)

अगर आपको हमारा यह ब्लॉक पसंद आया हो तो इसे शेयर जरूर करिएगा और बिजनेस के बारे में और हमारे ब्लॉक के बारे में आपकी जो राय हो वह प्लीज हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइएगा। धन्यवाद आप हमारा यूट्यूब चैनल भी सब्सक्राइब कर सकते हैं।

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